आँखें, हृदय, कूल्हे और अंडकोष (शारीरिक जाँच) (Hindi)
अपडेट किया गया 3 जून 2026
Applies to England
इस जानकारी में, ‘हम’ शब्द का अर्थ NHS सेवा है जो स्क्रीनिंग प्रदान करती है।
यह छोटी सी वीडियो नवजात शिशुओं में आँखों, हृदय, कूल्हों और अंडकोषों के लिए स्क्रीनिंग के बारे में बताता है।
आँखें, हृदय, कूल्हे और अंडकोष (शारीरिक जाँच)
NHS द्वारा नवजात शिशु की शारीरिक जाँच की सिफारिश की जाती है।
स्क्रीनिंग का उद्देश्य
जन्म देने के 72 घंटों के भीतर, आपको अपने बच्चे के लिए सिर से पाँव तक की शारीरिक जाँच की पेशकश की जाएगी। इसमें 4 विशिष्ट स्क्रीनिंग जाँचें शामिल होंगी। ये जाँचें यह देखती हैं कि क्या आपके बच्चे को उनकी आँखों, हृदय, कूल्हों और, लड़कों में, उनके अंडकोषों में कोई संदिग्ध समस्या है। यदि किसी समस्या का संदेह होता है, तो बच्चों को शीघ्र जाँच और संभावित उपचार से लाभ होता है।
जब आपका बच्चा 6 से 8 सप्ताह का हो जाता है, तब ये स्क्रीनिंग जाँचें फिर से की जाती हैं, आमतौर पर आपकी GP प्रैक्टिस में। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ स्थितियाँ तब तक विकसित नहीं होती हैं या उनकी पहचान नहीं की जा सकती है।
स्थितियों के बारे में
शारीरिक जाँच का प्रत्येक भाग अलग-अलग स्थितियों की जाँच करता है।
आँखें
इंग्लैंड में, हर 10,000 में से लगभग 2 से 3 बच्चे मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) के साथ पैदा होते हैं। यह तब होता है जब आँख के अंदर का पारदर्शी लेंस धुँधला हो जाता है। 50% से अधिक मामलों में, दोनों आँखें प्रभावित होंगी।
स्क्रीनिंग का मुख्य कारण इस स्थिति की पहचान करना है। यह जाँच आपके बच्चे की आँखों की दिखावट की जाँच करती है, लेकिन यह नहीं बता सकती कि आपका बच्चा कितना अच्छा देख सकता है।
हृदय
जन्मजात हृदय रोग (कंजेनिटल हार्ट डिज़ीज़ - CHD) उन हृदय स्थितियों के लिए एक शब्द है जो जन्म के समय मौजूद होती हैं। ये स्थितियाँ हृदय की संरचना, कार्य और लय को प्रभावित करती हैं।
CHD UK में सबसे आम स्थितियों में से एक है जिसके साथ बच्चे पैदा होते हैं। 1,000 में से लगभग 8 बच्चों को हृदय या संचार (सर्कुलेटरी) संबंधी स्थिति होगी।
स्क्रीनिंग का मुख्य कारण CHD के शुरुआती संकेतों और लक्षणों की पहचान करना है। यह हृदय की सरसराहट (हार्ट मर्मर) से लेकर विशेषज्ञ देखभाल या उपचार की आवश्यकता वाली समस्या तक हो सकता है। सरसराहट (मर्मर) एक आवाज़ है जो रक्त के हृदय से गुज़रने पर होती है। लगभग सभी मामलों में जब सरसराहट (मर्मर) सुनी जाती है, तो हृदय सामान्य होता है। बच्चों में सरसराहट (मर्मर) आम है, लेकिन इसका हमेशा यह मतलब नहीं होता कि कोई समस्या है।
कूल्हे
बच्चे कूल्हे के ऐसे जोड़ों के साथ पैदा हो सकते हैं जो ठीक से नहीं बने होते हैं। यदि उपचार न किया जाए, तो इससे लंगड़ापन और जोड़ों की समस्याएँ हो सकती हैं।
हर 1,000 में से लगभग 3 से 5 नवजात शिशुओं को हार्नेस के साथ उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
हर 1,000 में से लगभग 1 से 2 नवजात शिशुओं को सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
अंडकोष
लड़कों (शिशुओं) की यह सुनिश्चित करने के लिए जाँच की जाती है कि उनके अंडकोष सही जगह पर हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कभी-कभी एक या दोनों अंडकोष अंडकोश की थैली (स्क्रोटम) (वह थैली जिसमें अंडकोष होते हैं) में नीचे नहीं उतर (डिसेंड) पाते हैं।
न उतरे हुए अंडकोष (अनडिसेंडेड टेस्टिकल्स) 2 प्रकार के होते हैं:
- जहाँ एक या दोनों अंडकोषों को महसूस किया जा सकता है लेकिन वे गलत जगह (स्पर्शनीय - पाल्पेबल) पर होते हैं
- जहाँ एक या दोनों अंडकोषों को बिल्कुल भी महसूस नहीं किया जा सकता (अस्पर्शनीय - इम्पाल्पेबल)
अंडकोषों को नीचे उतरने में कई महीने लग सकते हैं।
100 में से लगभग 4 लड़के (शिशु) (4%) इस स्थिति के साथ पैदा होते हैं। समय से पहले (प्रीमैच्योर) (गर्भावस्था के 37वें सप्ताह से पहले) पैदा होना, जन्म के समय कम वज़न (लो बर्थ वेट) होना और परिवार में न उतरे हुए अंडकोषों (अनडिसेंडेड टेस्टिकल्स) का इतिहास होने से लड़के के इस स्थिति के साथ पैदा होने की संभावना बढ़ सकती है।
स्क्रीनिंग जाँच
एक प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवा पेशेवर आपके बच्चे की शारीरिक जाँच करेगा। वे आपसे आपके बच्चे की सामान्य भलाई के बारे में प्रश्न पूछेंगे।
जाँच के एक हिस्से के लिए आपके बच्चे को कपड़े उतारने की आवश्यकता होगी। जाँच के दौरान स्वास्थ्य सेवा पेशेवर:
- आपके बच्चे की आँखों की दिखावट जाँचने के लिए उनकी आँखों में देखेंगे
- आपके बच्चे के हृदय की ध्वनियों (हार्ट साउंड्स) का पता लगाने के लिए उसे सुनेंगे
- यह सुनिश्चित करने के लिए आपके बच्चे के कूल्हों की जाँच करेंगे कि जोड़ ठीक से विकसित हो गए हैं और काम कर रहे हैं
- लड़कों (शिशुओं) की यह जाँच करेंगे कि क्या उनके अंडकोष सही जगह पर हैं
जाँच की सुरक्षा
इस जाँच को कराने से जुड़े कोई जोखिम नहीं हैं।
स्क्रीनिंग कराना आपकी पसंद है
आप अपने बच्चे की जाँच कराने और किसी भी या सभी स्थितियों के लिए स्क्रीनिंग कराने का निर्णय ले सकती हैं। जाँच का उद्देश्य किसी भी स्थिति की शीघ्र पहचान करना है, ताकि जल्द से जल्द उपचार शुरू किया जा सके। आपके बच्चे के लिए स्क्रीनिंग की सिफारिश की जाती है।
जाँच न कराना
यदि आप स्क्रीनिंग जाँच न कराने का विकल्प चुनती हैं, या आपको कोई चिंता है, तो आपको अपनी दाई (मिडवाइफ) और जाँच की पेशकश करने वाले स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से बात करनी चाहिए।
संभावित परिणाम
यदि किसी स्थिति या समस्या का संदेह होता है, तो आपके बच्चे को, यदि उपयुक्त हो, तो आगे के मूल्यांकन और जाँचों के लिए भेजा (रेफर) जाएगा। इसमें कूल्हे के अल्ट्रासाउंड स्कैन के लिए, या बच्चे के हृदय, आँखों या अंडकोषों की जाँच करने वाली विशेषज्ञ टीमों के पास भेजा (रेफर) जाना शामिल हो सकता है।
मेरे परिणाम प्राप्त करना
जाँच करने वाला स्वास्थ्य सेवा पेशेवर आपको तुरंत स्क्रीनिंग के परिणाम देगा। यदि आगे के मूल्यांकन के लिए भेजे (रेफर) जाने की आवश्यकता है, तो इस पर भी जाँच के समय आपसे चर्चा की जाएगी।
परिणाम आपके बच्चे के मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत बाल स्वास्थ्य रिकॉर्ड (पर्सनल चाइल्ड हेल्थ रिकॉर्ड) (‘रेड बुक’) में दर्ज किए जाएँगे। आपको ‘रेड बुक’ को सुरक्षित रखना होगा। सुनिश्चित करें कि जब भी आपका बच्चा किसी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर को दिखाए तो यह उपलब्ध हो।