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विश्व की समाचार कथा

यूके व्यापार सचिव नई दिल्ली में व्यापारिक संबंधों के अगले चरण को आगे बढ़ाने के लिए पहुंचे

व्यापार और वाणिज्य सचिव पीटर काइल नई दिल्ली में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे ताकि पहले से ही £48 बिलियन मूल्य के व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके।

  • व्यापार और वाणिज्य सचिव पीटर काइल नई दिल्ली में भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे ताकि पहले से ही £48 बिलियन मूल्य के व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके।

  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से वैश्विक आर्थिक झटके पैदा हो रहे हैं, ऐसे में यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों अर्थव्यवस्थाओं को समयोचित बढ़ावा दे सकता है।

  • एफटीए के तहत यूके के 99% और भारत के 90% शुल्क समाप्त हो जाएंगे, जिससे पहले ही दिन से दोनों देशों के व्यवसायों को लाभ मिलेगा।

वैश्विक आर्थिक झटकों के बीच ब्रिटेन और भारत के व्यवसायों तथा उपभोक्ताओं को समय पर बढ़ावा मिलने वाला है, क्योंकि यूके इस सप्ताह यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द लागू करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहा है।

व्यापार और वाणिज्य सचिव पीटर काइल कल (2 जून) नई दिल्ली पहुंचेंगे और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे ताकि एफटीए को यथाशीघ्र लागू करने पर चर्चा की जा सके, जो दोनों सरकारों की प्राथमिकता है।

और जब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की लगातार नाकाबंदी सहित वैश्विक संघर्ष दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक झटके पैदा कर रहे हैं, तब पीटर काइल भारत के साथ यूके की महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने को एक प्रमुख प्राथमिकता मानते हैं, जिससे दोनों पक्षों को महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं।

तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों के दौरान व्यापार सचिव की यह यात्रा भारत के साथ हमारी आधुनिक आर्थिक साझेदारी के अगले चरण को आगे बढ़ाने के लिए यूके के दृढ़ संकल्प का संकेत देती है, ताकि यह दोनों देशों के लोगों के लिए विकास सुनिश्चित कर सके। द्विपक्षीय व्यापार पहले से ही प्रति वर्ष £48 बिलियन का है और एफटीए यूके के 99% तथा भारत के 90% शुल्कों को उदार बनाएगा, जिससे हमारे बाजारों के बीच निर्यात और व्यापार सस्ता, तेज और आसान होगा।

व्यापार सचिव भारतीय और ब्रिटिश उद्योग जगत के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे, जिसका उद्देश्य व्यवसायों को समझौते के लागू होने की तैयारी में सहायता प्रदान करना है।

यूके-भारत एफटीए यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद यूके द्वारा किया गया सबसे बड़ा और आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौता है। इसमें 30 अध्याय शामिल हैं—जिनमें लैंगिक समानता, नवाचार, पर्यावरण और श्रम पर स्वतंत्र अध्याय भी शामिल हैं—जिससे यह भारत द्वारा अब तक हस्ताक्षरित सबसे व्यापक व्यापार समझौतों में से एक बन गया है।

यह यात्रा पिछले वर्ष के अंत में प्रधानमंत्री के भारत व्यापार मिशन के बाद हो रही है, जहां वे और व्यापार सचिव मुंबई में यूके के 125 प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, उद्यमियों और व्यापारिक नेताओं के साथ शामिल हुए थे। एफटीए पर हस्ताक्षर के बाद इस मिशन ने अनेक उद्योगों में ब्रिटिश व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण अवसरों के द्वार खोले।

व्यापार और वाणिज्य सचिव पीटर काइल ने कहा:

व्हिस्की से लेकर ऑटोमोबाइल तक, यह ऐतिहासिक समझौता यूके और भारत के व्यवसायों तथा उपभोक्ताओं के लिए विशाल अवसरों को खोलेगा।

मैं यहां नई दिल्ली में इस दोनों पक्षों के लिए लाभकारी समझौते के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने आया हूं, जिसकी कीमत हमारी अर्थव्यवस्थाओं के लिए अरबों पाउंड है।

मैं पीयूष गोयल के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर कोई जल्द से जल्द इसके लाभ महसूस करना शुरू कर सके।

यूके सरकार कठिन समय में व्यवसायों की वृद्धि के लिए आवश्यक निश्चितता और स्थिरता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। दुनिया भर के साझेदार देशों के साथ किए गए हमारे व्यापार समझौते व्यवसायों को निर्यात और विस्तार में सहायता करते हैं, रोजगार बढ़ाते हैं और वेतन में वृद्धि करते हैं। मई में यूके जी7 देशों में पहला देश बना जिसने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ व्यापार समझौता किया। यह भारत, अमेरिका, यूरोपीय संघ और दक्षिण कोरिया के साथ हुए प्रमुख समझौतों के बाद पांचवां समझौता था।

अधिक जानकारी:

मीडिया

मीडिया संबंधी प्रश्नों के लिए संपर्क करें:

यास्मीन कए, संचार उप प्रमुख
ब्रिटिश उच्चायोग, चाणक्यपुरी,
नई दिल्ली 110021। टेलिफोन: 241921000

मीडिया प्रश्न: BHCMediaDelhi@fco.gov.uk

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प्रकाशित 1 जून 2026