यूके भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की पहली आधिकारिक यात्रा की मेजबानी करेगा
एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन द्वारा भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान का यूके में स्वागत, दो वैश्विक शक्तियों की सेनाओं के बीच विश्वास और महत्वाकांक्षा का संकेत है
यूके के चीफ ऑफ द डिफेंस स्टाफ (CDS) एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन 19 अप्रैल से शुरू होने वाली तीन दिवसीय यात्रा के लिए भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की मेजबानी करेंगे। अपनी वार्ताओं के दौरान, दोनों सैन्य कमांडर प्रशिक्षण, संचालन और रक्षा उद्योग साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर चर्चा करेंगे।
जनरल चौहान की यात्रा के दौरान यूके के वरिष्ठ नागरिक और सैन्य नेता भी उनसे बातचीत करेंगे। ब्रिटिश रक्षा उद्योग के प्रतिनिधि उनसे मिलकर दोनों देशों के बीच रक्षा सह-उत्पादन को बढ़ाने पर बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। जनरल चौहान को रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज का दौरा भी कराया जाएगा, जहां वे बहुराष्ट्रीय छात्रों के समूह से मिलेंगे।
यह किसी भारतीय CDS की यूके की पहली आधिकारिक यात्रा है और इस वर्ष यूके-भारत के बीच पांचवीं वरिष्ठ सैन्य सहभागिता को दर्शाती है, इससे पहले मार्च में यूके के चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल हार्व स्माइथ की भारत यात्रा हुई थी।
भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा:
जनरल चौहान की यह ऐतिहासिक यात्रा यूके-भारत रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने वाले विश्वास और महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। हम इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और एक स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करने के लिए सहयोग बढ़ा रहे हैं।
संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग सहयोग से लेकर रणनीतिक संवाद तक, हम तेजी से और अधिक निकटता से आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि भारत यूके के लिए एक प्रमुख रक्षा भागीदार है। हम आने वाले महीनों में इस गति को बनाए रखेंगे।
कमोडोर क्रिस सॉन्डर्स MBE, रॉयल नेवी, रक्षा सलाहकार, ब्रिटिश उच्चायोग ने कहा:
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल चौहान के साथ यूनाइटेड किंगडम की यात्रा में शामिल होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह यात्रा रक्षा के सभी क्षेत्रों में हमारे द्वारा साथ मिलकर हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है और यह उजागर करती है कि भविष्य में हम कितना साझा आधार बना सकते हैं।
यह यात्रा हमारे मजबूत सैन्य-से-सैन्य संबंधों को और गहरा करने, हमारे सहयोगात्मक प्रशिक्षण लक्ष्यों का विस्तार करने और यह तलाशने का अवसर प्रदान करेगी कि हम रक्षा औद्योगिक सहयोग को कैसे बढ़ा सकते हैं, जहां यूके और भारत दोनों रक्षा को ‘विकास के इंजन’ के रूप में उपयोग करना चाहते हैं और भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में समर्थन देना चाहते हैं। यूके-भारत रक्षा सहयोग के लिए रोमांचक समय!
अधिक जानकारी:
-
यूके और भारत ने विज़न 2035 समझौते के तहत 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप शुरू किया, जिसका उद्देश्य विकास का समर्थन करना, सुरक्षा को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता में योगदान देना है।
-
यूके के रक्षा मंत्रालय ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित कार्यक्रम कार्यालय, डिफेंस पार्टनरशिप इंडिया (DP-I) स्थापित किया है।
-
फरवरी 2026 में, यूके और भारत ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत भारतीय वायु सेना तीन योग्य फ्लाइंग प्रशिक्षकों को यूके के RAF वैली में तैनात करेगी, जो ब्रिटिश फास्ट जेट पायलटों का प्रशिक्षण केंद्र है। भारतीय अधिकारी यूके की तीनों सेवा अकादमियों में प्रशिक्षक के रूप में तैनात हैं।
-
2025 में, यूके और भारत ने अपना अब तक का सबसे बड़ा समुद्री अभ्यास आयोजित किया, जिसमें दोनों देशों के कैरियर स्ट्राइक समूह शामिल हुए। इसमें रॉयल नेवी, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के फास्ट जेट विमानों के साथ एक अलग वायु रक्षा अभ्यास भी शामिल था। इसके बाद राजस्थान में अभ्यास अजेय वॉरियर आयोजित किया गया, जिसमें 2nd रॉयल गोरखा राइफल्स ने 21 सिख रेजिमेंट के साथ प्रशिक्षण लिया।
मीडिया
मीडिया संबंधी प्रश्नों के लिए संपर्क करें:
शॉन गिब्स, संचार सलाहकार और प्रवक्ता,
ब्रिटिश उच्चायोग, चाणक्यपुरी,
नई दिल्ली 110021। टेलिफोन: 241921000
मीडिया प्रश्न: BHCMediaDelhi@fco.gov.uk
हमें फॉलो करें Twitter, Facebook, Instagram, Flickr, Youtube और LinkedIn