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विश्व की समाचार कथा

भारत में यूके की विदेश सचिव विज़न 2035 साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए भारत दौरे पर

विदेश सचिव यवेट कूपर अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर भारत पहुँची हैं।

• विदेश सचिव यवेट कूपर, विज़न 2035 के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी।
• वे नौवहन की स्वतंत्रता पर भारत के साथ साझा हितों पर बल देंगी।
• प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टार्मर द्वारा गहन सहयोग हेतु अपनी रणनीतिक दिशा और दृष्टि प्रस्तुत किए जाने के बाद भारत के साथ साझेदारी नई ऊँचाइयों पर पहुँची है।

विदेश सचिव यवेट कूपर अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर भारत पहुँची हैं। वे कल (4 जून) विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी, जहाँ दोनों मंत्री चल रहे संघर्षों से उत्पन्न आर्थिक झटकों को कम करने, वैश्विक स्थिरता बनाए रखने तथा नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए यूके और भारत के बीच अधिक निकट सहयोग पर चर्चा करेंगे।

विदेश सचिव की यह यात्रा भारत के साथ सहभागिता के लिए एक महत्वाकांक्षी मार्ग निर्धारित करती है, जो यूके के लिए एक सर्वोच्च प्राथमिकता वाला साझेदार है। यह यात्रा इस सप्ताह की शुरुआत में व्यापार एवं व्यवसाय सचिव पीटर काइल की यात्रा के बाद हो रही है, जिसका उद्देश्य ऐतिहासिक यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौते को यथाशीघ्र लागू करना है।

डॉ. जयशंकर के साथ मिलकर विदेश सचिव अब तक यूके-भारत विज़न 2035 के अंतर्गत हुई प्रगति की औपचारिक समीक्षा करेंगी और आने वाले वर्ष के लिए आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु तथा शिक्षा के क्षेत्रों में यूके की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगी। यह वार्षिक समीक्षा सुनिश्चित करती है कि हमारी साझेदारी गतिशील, समन्वित और तीव्र वैश्विक परिवर्तनों के प्रति उत्तरदायी बनी रहे।

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा:

यूके-भारत साझेदारी बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के विरुद्ध एक मजबूत आधार है। विदेश सचिव यवेट कूपर की इस सप्ताह की यात्रा, जो इस पद पर उनकी पहली यात्रा है, इस साझेदारी को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

पिछले वर्ष हमारे प्रधानमंत्रियों द्वारा एक आधुनिक यूके-भारत साझेदारी के लिए अपनी साझा दृष्टि प्रस्तुत किए जाने के बाद से, यूके ने भारत के साथ सहयोग को प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाया है।

टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव से लेकर, जहाँ हम भविष्य की प्रौद्योगिकियों को आकार दे रहे हैं, हमारे ऐतिहासिक व्यापार समझौते तक, जो व्यापार को अधिक सस्ता, तेज और आसान बनाएगा—यूके-भारत साझेदारी उन क्षेत्रों में परिणाम दे रही है जो दोनों देशों के लोगों के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।

नई दिल्ली में विदेश सचिव अपने कार्यक्रम के दौरान टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव में नए भारतीय निवेश का स्वागत करेंगी। वे एआई स्वास्थ्य-प्रौद्योगिकी उद्यमियों से संवाद करेंगी और ब्रिटिश काउंसिल में एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगी, जहाँ वे सुनेंगी कि शिक्षा और विकास के क्षेत्र में यूके-भारत साझेदारियाँ साझा प्राथमिकताओं पर वास्तविक परिणाम कैसे दे रही हैं।

अधिक जानकारी

  • प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर ने पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर विज़न 2035 का अनावरण किया था, जो इस बात की साझा महत्वाकांक्षा है कि यूके और भारत इस साझेदारी की विशाल संभावनाओं को साकार करने के लिए किस प्रकार साथ मिलकर कार्य करेंगे।

  • यूके और भारत ने जुलाई 2025 में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिसने विश्व की दो सबसे बड़ी और सबसे नवाचारी अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास के एक नए युग की शुरुआत की। यह समझौता वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि कर सकता है और दीर्घकाल में दोनों देशों के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 5 अरब पाउंड की वृद्धि कर सकता है।

• यूके और भारत ने एक नई 10-वर्षीय रक्षा औद्योगिक साझेदारी, उच्च स्तरीय सैन्य सहभागिताओं तथा आतंकवाद-रोधी प्रयासों, गंभीर संगठित अपराध और उभरते खतरों के विरुद्ध बेहतर समन्वय के माध्यम से अपने रक्षा सहयोग को और गहरा किया है।

• यूके के दो विश्वविद्यालयों ने भारत में अपने अंतरराष्ट्रीय शाखा परिसर स्थापित किए हैं – यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन (दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) और क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफास्ट (गुजरात के गिफ्ट सिटी में)। इसके अतिरिक्त, सात और यूके विश्वविद्यालयों को 2026-27 में परिसर खोलने की स्वीकृति मिली है, जिससे यूके की सॉफ्ट पावर को बढ़ावा मिलेगा और यूके की अर्थव्यवस्था में विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। ये हैं: यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क, यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल, यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल, यूनिवर्सिटी ऑफ लैंकेस्टर, यूनिवर्सिटी ऑफ सरे तथा बिर्कबेक – यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन। ये नए परिसर यूके-भारत संयुक्त एवं द्वैध डिग्री कार्यक्रमों तथा संयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार संबंधी व्यापक उच्च शिक्षा सहयोग का पूरक हैं।

मीडिया

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शॉन गिब्स, संचार सलाहकार और प्रवक्ता,
ब्रिटिश उच्चायोग, चाणक्यपुरी,
नई दिल्ली 110021। टेलिफोन: 241921000

मीडिया प्रश्न: BHCMediaDelhi@fco.gov.uk

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प्रकाशित 4 जून 2026