डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए यूके और भारतीय उद्योग एकजुट
यूके और भारत के दूरसंचार उद्योग के अग्रणी ऑनलाइन धोखाधड़ी, घोटालों और उनसे होने वाले नुकसान से निपटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की शक्ति का उपयोग करेंगे।
Ben Mellor, Acting British High Commissioner to India (right) joined Lt Gen Dr SP Kochhar, Director General of COAI to announce the partnership.
दोनों उद्योग आज [14 सितंबर] यूके सरकार और भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (सीओएआई) के बीच हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से एकजुट होंगे।
यह समझौता ज्ञापन भारत और यूके को प्रभावित करने वाले डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सीख साझा करने, ज्ञान के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने और सहभागिता बढ़ाने के लिए गतिविधियों का एक ढांचा प्रदान करेगा। इसमें बताया गया है कि हमारे दूरसंचार उद्योग नवीनतम तकनीकों और तरीकों के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता में हुई हालिया प्रगति का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता डिजिटल अर्थव्यवस्था में नेटवर्क के डिजाइन, प्रबंधन और सुरक्षा के तरीकों को बदल रही है।
यह समझौता इस वैश्विक समस्या के समाधान में उद्योग को केंद्र में रखकर यूके और भारत में धोखाधड़ी से निपटने की क्षमता को मजबूत करेगा। डिजिटल धोखाधड़ी एक बढ़ता हुआ अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध है और इससे निपटने के लिए सरकारों और उद्योग के बीच करीबी समन्वय आवश्यक है। यह सहयोग यूके और भारत के विशेषज्ञों को एकजुट करेगा, ताकि अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन दिया जा सके।
भारत में कार्यवाहक ब्रिटिश उच्चायुक्त बेन मेलर ने कहा:
हम तकनीकी बदलाव के एक असाधारण दौर से गुजर रहे हैं, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता संचार नेटवर्क के डिजाइन और सुरक्षा के तरीकों को बदल रही है। उद्योग जगत के साझेदार नागरिकों, व्यवसायों और संस्थानों को उन दुष्ट तत्वों से बचाने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं, जो उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसीलिए सरकारों और उद्योग के बीच करीबी सहयोग – और इस तरह के मंचों पर सहयोग – बेहद महत्वपूर्ण है। आज हमने जिस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, वह दूरसंचार और डिजिटल सुरक्षा के बीच उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए यूके और भारत की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह साझेदारी प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल और यूके-भारत विजन 2035 की प्रतिबद्धताओं को मजबूत करती है, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और उसे अपनाने सहित तकनीकी नवाचार डिजिटल सेवाओं में विश्वास को कमजोर करने के बजाय उसे मजबूत करें।
धोखाधड़ी सीमाओं तक सीमित नहीं है। यूके में दो-तिहाई से अधिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय पहलू शामिल होता है, जिससे यह एक वैश्विक समस्या बन गई है, जिसमें महत्वपूर्ण सीमा-पार गतिविधियां शामिल हैं।
प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत ये पहल यूके और भारत को उन्नत संचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकियों के भविष्य को न केवल घरेलू स्तर पर, बल्कि पूरी दुनिया में आकार देने में सक्षम बनाएंगी।
सीओएआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एस.पी. कोचर ने कहा:
भारत के लिए कनेक्टिविटी के अगले चरण को बुद्धिमान, सुरक्षित, लचीला और नागरिक-केंद्रित होना चाहिए। दूरसंचार नेटवर्क न केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कार्यभार को संभालेंगे, बल्कि वे तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम प्रणालियों में बदलेंगे, जो प्रदर्शन को अनुकूलित करने, सुरक्षा को मजबूत करने, सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने और उपभोक्ताओं को उभरते डिजिटल जोखिमों से बचाने में सक्षम होंगी। सीओएआई और ब्रिटिश उच्चायोग के बीच यह समझौता ज्ञापन डिजिटल कनेक्टिविटी के भविष्य को आकार देने में विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को दर्शाता है।
अधिक जानकारी
- आज की संचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषयक पैनल चर्चा यूके और भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (सीओएआई) के बीच पहला औपचारिक सहयोग है, जिसमें उद्योग, भारत सरकार और ब्रिटिश उच्चायोग के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण, दूरसंचार विभाग, वोडाफोन, जियो इन्फोकॉम और भारती एयरटेल के प्रतिनिधि शामिल हैं
- यूके सरकार अपराध कम करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। व्यक्तियों और व्यवसायों के खिलाफ धोखाधड़ी इंग्लैंड और वेल्स में दर्ज होने वाला सबसे बड़ा अपराध प्रकार है और 2023 से 2024 के दौरान इससे अर्थव्यवस्था को £14.4 बिलियन का नुकसान हुआ
- यूके ने 2026 से 2029 के बीच £250 मिलियन से अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि एक नई धोखाधड़ी रणनीति लागू की जा सके, जिसका उद्देश्य व्यक्तियों और व्यवसायों के खिलाफ धोखाधड़ी से निपटना है। इसमें इस वर्ष अप्रैल में शुरू किया गया एक नया ऑनलाइन अपराध केंद्र भी शामिल है, जो सरकार, पुलिस, खुफिया एजेंसियों, बैंकों, मोबाइल नेटवर्क और प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा, ताकि धोखाधड़ी के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को बढ़ावा दिया जा सके। इसमें उद्योग द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने को बढ़ावा देने वाला एक दूरसंचार धोखाधड़ी चार्टर और एक नई धोखाधड़ी रिपोर्ट सेवा भी शामिल है
- 2024 की प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत हम यूके-भारत कनेक्टिविटी और नवाचार केंद्र तथा यूके-भारत संयुक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र विकसित कर रहे हैं
मीडिया
मीडिया संबंधी प्रश्नों के लिए संपर्क करें:
शॉन गिब्स, संचार सलाहकार और प्रवक्ता,
ब्रिटिश उच्चायोग, चाणक्यपुरी,
नई दिल्ली 110021। टेलिफोन: 241921000
मीडिया प्रश्न: BHCMediaDelhi@fco.gov.uk
हमें फॉलो करें X, Facebook, Instagram, Flickr, Youtube और LinkedIn