क्यूईसीटी 100 युवा नेतृत्व पुरस्कार 2026 में 8 भारतीय सम्मानित
आठ युवा भारतीयों को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय राष्ट्रमंडल ट्रस्ट (क्यूईसीटी) के 100 युवा नेतृत्व पुरस्कार 2026 के विजेताओं में शामिल किया गया है।
Ben Mellor (second from right) with QECT 100 Young Leaders Awardees 2026 in Delhi.
भारत में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त बेन मेलर ने 9 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों को प्रदान किया। इस समारोह में इन युवा नेताओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, जिनकी पहल समुदायों में बदलाव ला रही हैं और राष्ट्रमंडल के सामने मौजूद कुछ सबसे गंभीर चुनौतियों का समाधान कर रही हैं।
हजारों आवेदनों में से अत्यंत प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए ये पुरस्कार विजेता शिक्षा और रोजगार क्षमता, पर्यावरण, खाद्य एवं कृषि, स्वास्थ्य तथा समावेशन के क्षेत्रों में प्रभावशाली कार्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। सबसे अधिक संख्या में पुरस्कार विजेता भारत से हैं। पुरस्कार विजेताओं की सूची निम्नलिखित है और उनके कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी संपादकों के लिए दिए गए नोट्स में उपलब्ध है:
- श्री आश्रय सेठ, संस्थापक, इम्पैक्ट91 और हैप्पी पीरियड्स
- श्री अभिषेक गुप्ता, साझेदार और कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नवगुरुकुल
- श्री गिरीश मेहता, संस्थापक, केयर लीवर्स इनर सर्कल (सीएलआईसी)
- सुश्री ईशा जौहर, सह-संस्थापक, प्रोजेक्ट जज़्बा
- सुश्री पल्लवी केजरीवाल, संस्थापक, द राइट पिच
- श्री समित साकिब गोरे, सह-संस्थापक, विज़न फ्रेंड आईवियर और वीसीयू सीरीज़
- श्री शक्ति बालासुब्रमणियन यादव, संस्थापक, बाय फूड विद प्लास्टिक इंडिया
- सुश्री काव्या जैन, संस्थापक, सेंसेई
ये पुरस्कार उन युवा नेताओं को सम्मानित करते हैं, जो युवाओं के नेतृत्व वाले नवाचार और वैश्विक राष्ट्रमंडल समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। आने वाले महीनों में पुरस्कार विजेता विशेष रूप से तैयार किए गए सहभागिता कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण के अवसरों और वैश्विक नेटवर्किंग में भाग लेंगे, जिनका उद्देश्य उनके कार्यों को व्यापक स्तर तक पहुंचाना और उनके प्रभाव को मजबूत करना है। विजेताओं को अपने उच्च प्रभाव वाले परियोजनाओं या संगठनों का विस्तार करने के लिए सूक्ष्म अनुदान के लिए आवेदन करने का अवसर भी मिलेगा।
भारत में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त बेन मेलर ने कहा:
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय राष्ट्रमंडल ट्रस्ट के 2026 के 100 युवा नेताओं में शामिल किए गए आठ प्रेरणादायक युवा भारतीयों को मेरी हार्दिक बधाई। उनका कार्य भारत और उससे आगे अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने वाले युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह पुरस्कार दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के उस स्थायी विश्वास के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है, जिसमें उन्होंने युवाओं की दुनिया के लिए बेहतर भविष्य बनाने की शक्ति में विश्वास किया था। मैं इन युवा नेताओं को अपने प्रभाव का विस्तार करते हुए और यूके तथा भारत के बीच गहरे संबंधों को और मजबूत करते हुए देखने के लिए उत्सुक हूं।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय राष्ट्रमंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष स्टीफन बॉल ने कहा:
जब हम अपनी संस्थापक संरक्षक, दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की 100वीं जयंती के अवसर को चिह्नित कर रहे हैं, तो यह उचित है कि हम उन युवा नेताओं का सम्मान करें, जो सेवा, समुदाय और अवसर के प्रति उनके आजीवन समर्पण को प्रतिबिंबित करते हैं। ये 100 युवा नेता राष्ट्रमंडल की सर्वोत्तम प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका कार्य एक अधिक समावेशी तथा आशावादी भविष्य का निर्माण कर रहा है, जिसके केंद्र में सशक्त युवा हैं।
क्यूईसीटी 100 युवा नेतृत्व पुरस्कार 2026 राष्ट्रमंडल के विभिन्न देशों के 100 असाधारण युवा बदलावकर्ताओं को सम्मानित करते हैं। यह विशेष पहल इस वर्ष दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की 100वीं जयंती के अवसर को स्मरण करती है और समुदायों को मजबूत करने तथा भविष्य को आकार देने में युवाओं की शक्ति में उनके स्थायी विश्वास का सम्मान करती है।
अधिक जानकारी
- महारानी एलिजाबेथ द्वितीय राष्ट्रमंडल ट्रस्ट की स्थापना 21 अप्रैल 2018 को दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की राष्ट्रमंडल के प्रति आजीवन सेवा और युवाओं तथा दुनिया को बेहतर बनाने के उनके प्रयासों में उनके अटूट विश्वास के सम्मान में की गई थी
- महारानी एलिजाबेथ द्वितीय राष्ट्रमंडल ट्रस्ट के 100 युवा नेतृत्व पुरस्कारों का उद्देश्य उभरते हुए नेताओं की वैश्विक पहचान को बढ़ाना है, जिससे वे अपने सामाजिक योगदान का विस्तार कर सकें और अपने-अपने समुदायों में सतत विकास को बढ़ावा दे सकें। 18 से 35 वर्ष की आयु के आवेदक आवेदन करने के पात्र थे
- भारत के क्यूईसीटी 100 युवा नेतृत्व पुरस्कार 2026 के कुछ विजेताओं के अक्टूबर में लंदन की यात्रा करने और एक आधिकारिक पुरस्कार समारोह में भाग लेने की उम्मीद है
- भारत से क्यूईसीटी 100 युवा नेतृत्व पुरस्कार 2026 के विजेता हैं:
- श्री आश्रय सेठ: आश्रय भारत में इम्पैक्ट91 और हैप्पी पीरियड्स के संस्थापक हैं, जो मासिक धर्म संबंधी समानता और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित शिक्षा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने भारत की सबसे किफायती सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन बनाई और टिकाऊ उत्पादों तथा शिक्षा के माध्यम से लगभग 10 लाख वंचित महिलाओं और लड़कियों तक पहुंच बनाई
- श्री अभिषेक गुप्ता: अभिषेक भारत में नवगुरुकुल के साझेदार और कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्होंने 300 से अधिक वंचित महिलाओं को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से 70 प्रतिशत आगे चलकर पूर्व छात्र नेताओं के रूप में उभरीं। उनके विद्यार्थियों के नेतृत्व वाले परिसर आदिवासी, संघर्ष प्रभावित और आघात से उबर रहे समुदायों की सेवा करते हैं, जिससे वित्तीय स्वतंत्रता और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलता है
- श्री गिरीश मेहता: गिरीश भारत के सबसे बड़े देखभाल-गृह से बाहर आने वाले युवाओं के नेतृत्व वाले सहायता नेटवर्क केयर लीवर्स इनर सर्कल (सीएलआईसी) के संस्थापक हैं। उन्होंने 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन और प्रौद्योगिकी-सक्षम मंच के माध्यम से संस्थानों से बाहर निकलने वाले 3,000 से अधिक युवाओं को शिक्षा, रोजगार, आवास, कानूनी सहायता और सरकारी सुविधाओं से जोड़ा है
- सुश्री ईशा जौहर: ईशा भारत में प्रोजेक्ट जज़्बा की सह-संस्थापक हैं, जो जम्मू और कश्मीर में लैंगिक समानता, शिक्षा और आजीविका के क्षेत्र में समुदाय के नेतृत्व वाले कार्यक्रम विकसित कर रही हैं। विकास क्षेत्र की विशेषज्ञ और लैंगिक समानता विषय की फेलो के रूप में उन्होंने 200 से अधिक महिला और युवा उद्यमियों को आगे बढ़ने में सहायता प्रदान की है
- सुश्री पल्लवी केजरीवाल: पल्लवी भारत में द राइट पिच की संस्थापक हैं, जो वंचित बच्चों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के लिए खेल, कला और सह-पाठ्यक्रम शिक्षा को एकीकृत करती हैं। उनके कार्यक्रमों से लाखों छात्रों पर प्रभाव पड़ा है और समावेशन, आत्मविश्वास तथा नेतृत्व को बढ़ावा मिला है
- श्री समित साकिब गोरे: समित भारत में विज़न फ्रेंड आईवियर और वीसीयू सीरीज़ के सह-संस्थापक हैं, जो किफायती नेत्र देखभाल तक पहुंच का विस्तार कर रहे हैं। 1992 से चली आ रही विरासत को आगे बढ़ाते हुए, उनकी पहलों के माध्यम से 27 लाख निःशुल्क नेत्र जांच, 16 लाख चश्मे और 63,000 से अधिक मोतियाबिंद की सर्जरी की जा चुकी हैं
- श्री शक्ति बालासुब्रमणियन यादव: शक्ति भारत में बाय फूड विद प्लास्टिक के संस्थापक हैं, जो प्लास्टिक कचरे के बदले जरूरतमंद समुदायों को भोजन उपलब्ध कराते हैं। उनकी पहल के माध्यम से 1 लाख से अधिक प्लास्टिक की बोतलों को कचरा भराव स्थलों में जाने से रोका गया है और निर्यात के लिए पुनर्चक्रित सामग्री तैयार की जाती है
- सुश्री काव्या जैन: काव्या सेंसेई की संस्थापक हैं, जो एक ब्रिटिश सामाजिक उद्यम है और दृष्टिबाधित तथा न्यूरोडाइवर्जेंट विद्यार्थियों के लिए स्पर्श-आधारित मार्गदर्शन प्रणालियां तैयार करता है। एक डिजाइनर और वन यंग वर्ल्ड की राजदूत के रूप में, वह सार्वजनिक स्थानों में स्वतंत्रता और समावेशी डिजाइन को बढ़ावा देती हैं
मीडिया
मीडिया संबंधी प्रश्नों के लिए संपर्क करें:
शॉन गिब्स, संचार सलाहकार और प्रवक्ता,
ब्रिटिश उच्चायोग, चाणक्यपुरी,
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मीडिया प्रश्न: BHCMediaDelhi@fco.gov.uk
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